ग्रंथसार
आश्रम की शांत संध्या में जब दीप प्रज्वलित हुआ, तो देवरात के मन में उठा एक प्रश्न कद्रू और सर्पों की उस प्राचीन कथा की ओर ले गया।
आदिपर्व · अध्याय 20
कद्रू द्वारा सर्पों को शाप