ग्रंथसार
अग्नि की लपटों से घिरे खाण्डव वन में महर्षि मंदपाल के परिवार की रक्षा की यह कथा त्याग, कर्तव्य और ममता के अद्भुत संगम को दर्शाती है।
आदिपर्व · अध्याय 226
मंदपाल का परिवार से मिलन और जरीता का मान