ग्रंथसार
जीवन के विकट संकटों के समय विवेक का मार्ग चुनना ही सबसे बड़ी वीरता है, जिसे हम माता जरीता और उनके नन्हे पुत्रों के संवाद में देख सकते हैं।
आदिपर्व · अध्याय 231
मूषक के बिल का प्रस्ताव और नन्हें पक्षियों का तर्क