ग्रंथसार
आश्रम की शांत वेदी के निकट बैठकर देवरात ने गुरुजी से पूछा, 'क्या ममता के बन्धन से ऊपर उठकर धर्म का पालन करना ही जीव का सर्वोच्च साहस है?'
आदिपर्व · अध्याय 232
पक्षियों का माता को विदा करना