ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि गरुड़ के अदम्य पराक्रम और निस्पृह त्याग ने स्वयं जगतपालक भगवान विष्णु को भी अपना ऋणी बना लिया था?
आदिपर्व · अध्याय 30
भगवान विष्णु का वरदान और इन्द्र से संधि