ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि गरुड़ के पराक्रम के पीछे केवल शारीरिक बल नहीं, अपितु ऋषियों के प्रति उनके हृदय में बसा वह अगाध सम्मान था जिसने उन्हें 'गरुड़' नाम सार्थक करने की शक्ति दी?
आदिपर्व · अध्याय 34
बालखिल्य ऋषियों की रक्षा और गरुड़ का पराक्रम