ग्रंथसार
नयी पीढ़ी का राज्याभिषेक केवल एक सत्ता का हस्तांतरण नहीं, अपितु युगधर्म के निर्वहन की एक नई अग्निपरीक्षा होती है।
आदिपर्व · अध्याय 46
जनमेजय का राज्याभिषेक