ग्रंथसार
एक शांत संध्या के समय आश्रम की कुटिया में जब ऋषि व्यास के शिष्यों की परंपरा पर चर्चा छिड़ी, तब अतीत के महासमर की अनुगूँज सुनाई देने लगी।
आदिपर्व · अध्याय 55
जनमेजय का प्रश्न और कथा का संकल्प