ग्रंथसार
आइए, आज आपको पौरव वंश के उस सम्राट की कथा सुनाता हूँ, जिनके प्रताप से धरा का कण-कण पुलकित हो उठता था।
आदिपर्व · अध्याय 64
राजा दुष्यन्त की वन-यात्रा और विशाल मृगया