ग्रंथसार
अंधकार को मिटाने के लिए केवल एक छोटे से दीपक की लौ ही पर्याप्त नहीं, अपितु वह हमारे भीतर के अज्ञान को भी भस्म कर देती है।
अनुशासनपर्व · अध्याय 107
दीप दान का माहात्म्य