ग्रंथसार
जीवन की प्यास बुझाना केवल एक कार्य नहीं, बल्कि साक्षात ईश्वर की सेवा है, आइए जानते हैं जलदान के उस पुण्य को जिसे स्वयं पितामह भीष्म ने युधिष्ठिर को समझाया था।
अनुशासनपर्व · अध्याय 126
जलदान का माहात्म्य