ग्रंथसार
शरशय्या पर लेटे गंगापुत्र भीष्म की वह अंतिम वेला, जहाँ स्वयं काल भी धर्म के सम्मुख नतमस्तक हो गया था।
अनुशासनपर्व · अध्याय 133
भीष्म का महाप्रयाण