ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि किसी को बैठने के लिए एक साधारण आसन अर्पित करना केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि साक्षात् धर्म की साधना है?
अनुशासनपर्व · अध्याय 140
आसन दान का माहात्म्य