ग्रंथसार
क्या कभी सोचा है कि जिस मन पर हम सवार हैं, वह हमें कहीं ले जा रहा है या हम उसे अपनी लगाम से नियंत्रित कर रहे हैं?
अनुशासनपर्व · अध्याय 147
आत्म-संयम का मार्ग