ग्रंथसार
सत्य की गरिमा और उसके प्रभाव को समझने के लिए आइए, सूतजी और उनके शिष्य देवरात के संवाद की शरण में चलें।
अनुशासनपर्व · अध्याय 148
सत्य का प्रभाव