ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की रणभूमि में शर-शय्या पर लेटे भीष्म पितामह का अंतिम समय केवल देह का अंत नहीं, बल्कि धर्म के एक युग का चरमोत्कर्ष था।
अनुशासनपर्व · अध्याय 149
अंतिम चिंतन