ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की रणभूमि से लेकर कुरुवंश के अंतिम विश्राम तक, भीष्म पितामह का जीवन त्याग और धर्म की ऐसी गाथा है जो युगों-युगों तक मानवता को राह दिखाएगी।
अनुशासनपर्व · अध्याय 152
अंतिम तैयारी