ग्रंथसार
वाणी का एक छोटा सा शब्द न केवल इतिहास की दिशा बदल देता है, बल्कि मनुष्य के भीतर के देवत्व और दानवत्व का भी निर्धारण करता है।
अनुशासनपर्व · अध्याय 19
वाक्-संयम और सत्य का प्रभाव