ग्रंथसार
क्या अहिंसा केवल शारीरिक अक्रूरता का नाम है, या यह आत्मा के विस्तार का एक दिव्य मार्ग है?
अनुशासनपर्व · अध्याय 22
अहिंसा का महत्त्व