ग्रंथसार
नमीशारण्य की शांत कुटिया में सूतजी के मुख से भीष्म पितामह के अंतिम उपदेश की गूँज गूँज रही है।
अनुशासनपर्व · अध्याय 24
इन्द्रिय-विजय का उपदेश