ग्रंथसार
शर-शय्या पर लेटे गंगापुत्र भीष्म की अंतिम घड़ी में कैसा था वह दिव्य दृश्य, जब एक युग का सूर्य अस्त हो रहा था?
अनुशासनपर्व · अध्याय 32
भीष्म का अंतिम उपदेश