ग्रंथसार
शरशय्या पर लेटे महामहिम भीष्म पितामह के अंतिम क्षणों में छिपा है जीवन और राजधर्म का वह सार, जिसे सुनकर आज भी हृदय आलोकित हो उठता है।
अनुशासनपर्व · अध्याय 40
आचरण का अंतिम उपदेश