ग्रंथसार
अन्न के एक दाने में ही ब्रह्मांड की ऊर्जा समाहित है, आइए जानते हैं कि दान में अन्नदान को ही सर्वोपरि क्यों माना गया है।
अनुशासनपर्व · अध्याय 42
अन्नदान का महत्त्व