ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि स्वर्ण का दान केवल एक धातु का दान नहीं, बल्कि भीतर के अंधकार को मिटाकर आत्मा को तेजस्वी बनाने की एक दिव्य प्रक्रिया है?
अनुशासनपर्व · अध्याय 45
स्वर्ण दान का माहात्म्य