ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि एक साधारण सी वस्तु का दान भी हमें भवसागर की कठिन राहों से पार उतारने में समर्थ है?
अनुशासनपर्व · अध्याय 64
उपानह (जूता) दान का माहात्म्य