ग्रंथसार
मधु दान की मिठास केवल जिह्वा तक सीमित नहीं, बल्कि यह आत्मा को परम पद तक ले जाने वाली एक अलौकिक औषधि है।
अनुशासनपर्व · अध्याय 69
मधु दान का माहात्म्य