ग्रंथसार
अन्न के एक-एक कण में छिपे उस महायज्ञ की कथा सुनाने जा रहा हूँ, जो मनुष्य को दरिद्रता के अंधकार से निकालकर अक्षय पुण्य के प्रकाश तक ले जाता है।
अनुशासनपर्व · अध्याय 77
अन्नदान का माहात्म्य