ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि स्वर्ण दान केवल भौतिक संपदा का हस्तांतरण नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर दिव्य तेज को जगाने की एक पवित्र प्रक्रिया है?
अनुशासनपर्व · अध्याय 79
स्वर्ण दान का माहात्म्य