ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि एक कोमल शय्या का दान साधारण वस्त्रों का दान नहीं, बल्कि थके हुए प्राणों को नवजीवन देने का महापुण्य है?
अनुशासनपर्व · अध्याय 86
शय्या दान का माहात्म्य