ग्रंथसार
संसार की नश्वरता और सेवा के फल को समझने के लिए, आइए संजय और देवर्षि नारद के उस संवाद का स्मरण करें जिसने संजय के जीवन की दिशा ही बदल दी।
आश्रमवासिकपर्व · अध्याय 12
संजय का विलाप और देवर्षि नारद का आश्वासन