ग्रंथसार
मृत्यु के शोक का भार जब हृदय को भारी कर दे, तब महर्षि व्यास का वह दिव्य दर्शन ही पांडवों के लिए जीवन का नया प्रकाश बन गया।
आश्रमवासिकपर्व · अध्याय 15
शोक की निवृत्ति