ग्रंथसार
नमीशारण्य की पावन कुंजों में जब भी देवर्षि नारद की चर्चा छिड़ती है, तो समय का पहिया जैसे वहीं ठहर जाता है।
आश्रमवासिकपर्व · अध्याय 18
देवर्षि नारद का आगमन