ग्रंथसार
अहंकार की विजय का अर्थ किसी का दमन करना नहीं, अपितु उसे धर्म के पथ पर लाना है।
आश्वमेधिकपर्व · अध्याय 16
दक्षिण के राजाओं की चुनौती