ग्रंथसार
नयी सुबह की किरणों के साथ नैमिषारण्य के वन में धर्म की स्थापना की उस गाथा का स्मरण हो आया, जो सदियों से हृदय में अंकित है।
आश्वमेधिकपर्व · अध्याय 3
पवित्र अश्व का विसर्जन