ग्रंथसार
सूतजी की वाणी से आज द्वारकापुरी की महिमा और भगवान श्रीकृष्ण के पुनरागमन का दिव्य प्रसंग जीवंत हो उठा।
आश्वमेधिकपर्व · अध्याय 39
श्रीकृष्ण का द्वारका आगमन