ग्रंथसार
हस्तिनापुर की वह पावन वेला जब धर्म और विजय का मिलन हुआ, आज भी स्मृति के झरोखों में एक नए युग की आहट बनकर गूँजती है।
आश्वमेधिकपर्व · अध्याय 9
भव्य आगमन