ग्रंथसार
नयमिषारण्य की शांत तपोभूमि में आज धर्म और कर्तव्य के एक ऐसे ही प्रसंग पर चर्चा चल रही है, जो इतिहास की धारा बदल देता है।
आश्वमेधिकपर्व · अध्याय 91
पवित्र अश्व का विसर्जन