ग्रंथसार
आश्वमेधिकपर्व के समापन की कथा सुनते हुए शिष्य देवरात के मन में शांति का एक गहरा सागर हिलोरे लेने लगा।
आश्वमेधिकपर्व · अध्याय 96
आश्वमेधिकपर्व की पूर्णता