ग्रंथसार
क्या धर्म की रक्षा के लिए अपनों का रक्त बहाना ही नियति है, या इसके पीछे कोई गहरा सत्य छिपा है?
भीष्मपर्व · अध्याय 10
अर्जुन का मोह और विषाद