ग्रंथसार
रणक्षेत्र की धूल जब छँटने लगी, तो कुरुक्षेत्र की भूमि पर केवल शस्त्रों की खनक नहीं, बल्कि षड्यंत्रों की गूँज सुनाई देने लगी थी।
भीष्मपर्व · अध्याय 103
दुर्योधन की नयी व्यूह रचना