ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस अंतिम रणक्षेत्र में जब शर-शय्या पर पितामह भीष्म का पतन हुआ, तो मानो समय की धारा भी ठिठक गई थी।
भीष्मपर्व · अध्याय 114
भीष्म पितामह का पतन