ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र में जब गांडीव का मौन गूंज उठा, तब धर्म का वह महान संघर्ष केवल शस्त्रों का नहीं, अपितु आत्मा का युद्ध बन गया।
भीष्मपर्व · अध्याय 4
अर्जुन का विषाद