ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस भीषण युद्ध के मध्य जब पितामह भीष्म शर-शय्या पर गिरे, तब रणभूमि का सन्नाटा ही पूरे युग के बदलने की गवाही दे रहा था।
भीष्मपर्व · अध्याय 40
रणभूमि का सन्नाटा