ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की रणभूमि में रक्त से लथपथ धरती पर भीष्म की गर्जना से दसों दिशाएं कांप उठीं।
भीष्मपर्व · अध्याय 45
पितामह का अटल संकल्प