ग्रंथसार
वीर अर्जुन के गांडीव की टंकार आज भी धर्म के मार्ग पर चलने वालों के लिए साहस का अमर स्वर है।
भीष्मपर्व · अध्याय 59
अर्जुन की प्रतिज्ञा