ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की धूल में समाया वह दृश्य, जब साक्षात काल ने भी भीष्म पितामह के सम्मुख अपना मस्तक झुका दिया था।
भीष्मपर्व · अध्याय 64
शर-शय्या का गमन