ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस भीषण रणभूमि में जब गांडीवधारी अर्जुन के हाथ कांपने लगे, तब मानवता के इतिहास की सबसे बड़ी धर्म-संकट की घड़ी का उदय हुआ।
भीष्मपर्व · अध्याय 74
अर्जुन की विषाद-दशा