ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की रणभूमि से उठती हुई वह धूल और पितामह के बाणों की गूँज आज भी इतिहास के हृदय को कंपित कर देती है।
भीष्मपर्व · अध्याय 76
भीष्म पितामह का शर-शय्या पर पतन