ग्रंथसार
शर-शैया पर लेटे पितामह भीष्म का वह अंतिम उपदेश, आज भी इतिहास के गलियारों में धर्म का मार्ग प्रशस्त करता है।
भीष्मपर्व · अध्याय 88
शर-शैया पर पितामह