ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस भीषण रण में जब आचार्य द्रोण की व्यूह रचना ने पांडवों के साहस की परीक्षा ली, तब केवल शस्त्र नहीं, बल्कि धर्म और बुद्धि का महासंग्राम छिड़ा था।
भीष्मपर्व · अध्याय 94
व्यूह की जटिलता